बिहार बोर्ड क्लास 10th लॉन्ग और शार्ट क्वेश्चन आंसर 2023

 

बिहार बोर्ड क्लास 10th लॉन्ग और शार्ट क्वेश्चन आंसर 2023

 

1.खोखा किन मामलों में अपवाद था ?
उतर-खोखा जीवन के नियम और घर के नियमों के मामले में अपवाद था।

2. सेन दंपति खोखा में कैसी संभावनाएँ देखते थे और उन संभावनाएँ देखते थे और उन संभावनाओं के लिए उन्होंने उसकी कैसी शिक्षा तय की थी ?
उतर- सेन दंपति अपने खोखा के दुर्ललित व्यवहार से एवं उसके तोड़-फोड़ की हरकतों से इंजीनयर बनने की संभवनाएं देखते थे। उन संभावनाओं के लिए उन्होंने उसकी शिक्षा के लिए बढ़ई मिस्त्री को बुलवाकर ठोक-ठाक सिखाने के लिए तय किया था।

3 .सेन साहब के और उनके मित्रों के बीच क्या बातचीत हुई और पत्रकार मित्र ने उन्हें किस तरह उतर दिया ?
उतर-सेन साहब के ड्राइंग रूम में सेन साहब के कुछ मित्रगण के साथ-साथ एक पत्रकार मित्र भी उपस्थित थे। सभी परस्पर बातचीत कर रहे थे कि-किसका बेटा क्या कर रहा है, आगे क्या पढ़ेगा।

सेन साहब तो बिना पूछे ही अपने खोखा को इंजीनियर बनने की बात कह डाली। जब पत्रकार मित्र से पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया-मैं चाहता हूँ मेरा बेटा जेंटिलमैन जरूर बने और जो कुछ बने,उसका काम है, उसे पूरी आजदी रहेगी ! 

प्रश्न4. मदन और ड्राइवर के बीच के विवाद के द्वारा कहानीकार क्या बताना चाहता है ?
उतर-मदन और ड्राइवर के बीच के विवाद के माध्यम से कहानीकार यह बताना चाहता है कि जनसाधारण भी वैसा की उसकी संगति होती है। ड्राइवर सेन साहब का नमक खाता है इसिलिए सेन साहब के बेटे की बदमाशी की ओर नजर-अंदाज कर देता है लेकिन एक दूसरा बच्चा को यदि गाड़ी छूने की ललक हो तो उसका धकेल दिया जाता है, उल्टे उस पर गल्त आरोप लगा देता है।

प्रश्न 5. काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण क्या था ? इस प्रसंग के द्वारा लेखक क्या दिखाना चाहते है ?
उतर- काशू और मदन के बीच के झगड़े के कारण मात्र बाल हट्ठे था। यदि मदन को काशू की गाड़ी को स्पर्श करने का भी अधिकार नहीं तो काशू को मदन केआ लट्टू भी नचाने का अधिकार नहीं।

लेकिन काशू रौव दिखाकर लट्टू नाचना चाहता है जो मदन के विचार से गलत था। फिर मदन की प्रतिशोध की भावना ने झगड़े का रूप ले लिया। इस प्रसंग के द्वारा कहानीकार यह दर्शाना चाहते हैं कि-बच्चों में भी प्रतिशोध की भावना जागती है। बच्चा में यह ज्ञान नही होता कि कोई बच्चा बड़े बाप का बेटा है, में गरीब बाप का बेटा हूँ। जो बच्चों का स्वभाविक ज्ञान है।

 6. लेखक किस विंडबना की बात करते हैं ? विंडबना का स्वरूप क्या हैं ?

उतर- लेखक बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी विंडबना की बात करते हुए कहते हैं कि इस युग में भी जातिवाद के पोषकों की कमी नहीं है। जिसका स्वरूप है कि जातिप्रथा श्रम विभाजन के साथ-साथ श्रमिक विभाजन का स्वरूप है कि जातिप्रथा श्रम विभाजन के साथ-साथ श्रमिक विभाजन का रूप ले रखा ह जो अस्वाभाविक है।

7 . जातिवाद के पोषक उसके पक्ष में क्या तर्क देते हैं?

उतर-जातिवाद के पोषकों का तर्क है कि आधुनिक सभ्य समाज कार्य कुशलता के लिए श्रम विभाजन आवश्यक
मानता है और जाति प्रथा श्रम विभाजन का ही दूसरा रूप है, इसमें कोई बुराई नही।

8 .जातिवाद के पक्ष में दिए गए तर्को पर लेखक की प्रमुख आपत्तियाँ क्या है ?

उतर-जातिवाद के पक्ष में दिए गए तर्को पर लेखक की आपतियाँ इस प्रकार है कि जातिप्रथा श्रम विभाजन के साथ-साथ श्रमिक विभाजन का भी रूप ले लिया है। किसी भी सभ्य समाज में श्रम विभाजन व्यवस्था श्रमिकों के विभिन्न वर्गों में अस्वाभाविक विभाजन नही करता है।

9 . जाती भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नही कही जा सकती ?

उतर- भारतीय समाज में जातिवाद के रुचि अथवा कार्य-कुशलता के आधार पर नहीं होता बल्कि माता के गर्भ में ही श्रम विभाजन कर दिया जाता है जो विवशता,अकुशलता और अरुचिपूर्ण होने के कारण होने के कारण गरीबी और अकर्मण्यता हो पढ़ाने वाला है। 

 

10Th VVI Question Answer 2023 Click Here
     10Th vvi  objective 2023        Click Here
Telegram join

 

1 thought on “बिहार बोर्ड क्लास 10th लॉन्ग और शार्ट क्वेश्चन आंसर 2023”

  1. Pingback: इंटर प्रथम मेरिट लिस्ट डाउनलोड 2022 – inter first Merit List download 2022

Leave a Comment

Your email address will not be published.